歌曲 / 歌词

Khushiyan Aur Gham

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歌词

ख़ुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
ख़ुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
अपनी कभी तो कभी अजनबी
आँसू कभी तो कभी है हँसी
दरिया कभी तो कभी तिश्नगी
लगती है ये तो
ख़ुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
♪
ख़ामोशियों की धीमी सदा है
ये ज़िंदगी तो रब की दुआ है
छू के किसी ने इसको देखा कभी ना
एहसास की है ख़ुशबू, महकी हवा है
ख़ुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
♪
मन से कहो तुम, मन की सुनो तुम
मन-मीत कोई मन का चुनो तुम
कुछ भी कहेगी दुनिया, दुनिया की छोड़ो
पलकों में सच के झिलमिल सपने बुनो तुम
ख़ुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने ना जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
अपनी कभी तो कभी अजनबी
आँसू कभी तो कभी है हँसी
दरिया कभी तो कभी तिश्नगी
लगती है ये तो
ख़ुशियाँ और ग़म सहती है (ख़ुशियाँ और ग़म सहती है)
फिर भी ये चुप रहती है (फिर भी ये चुप रहती है)
अब तक किसी ने ना जाना (अब तक किसी ने ना जाना)
ज़िंदगी क्या... (ज़िंदगी क्या कहती है)